ओलंपिक का इतिहास, कैसे और कहां शुरू हुआ यह, जानें इसके रिकॉर्ड

ओलंपिक दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजक है। ओलंपिक में पूरी दुनिया से कई खिलाड़ी आते हैं और एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं। यह खेल बहुत ही पुराना है और इसका इतिहास उससे भी पुराना है। तो आईए जानते हैं ओलंपिक खेल के इतिहास के बारे में –

ओलंपिया से पड़ा नाम ओलंपिक

ओलंपिक प्राचीन काल में यूनान के ओलंपिया में खेला जाता था। यह खेल 776 ईसा पूर्व से खेला जा रहा है। इस खेल का आयोजन ओलंपिया में ज्यूस देवता के सम्मान में खेला जाता था। शुरू में इस खेल में को सिर्फ सैनिक ही खेला करते थे। इस स्पर्धा से सैनिकों में खेल की भावना बनी हुई होती थी और शरीर भी सुडोल रहता था। लेकिन ओलंपिक को रोम के राजा थियोडिसिस ने रोक लगा दी।

1896 में आधुनिक ओलंपिक की शुरूआत हुई

आधुनिक ओलंपिक की शुरूआत साल 1896 को यूनान के एथेंस शहर से हुई। ओलंपिक खेलों को दोबारा लाने का श्रेय फ्रांस के बैरो पियरे डी कुबर्तिन को दिया जाता है। ओलंपिक की शुरूआत में महिलाओं की भागेदारी नहीं होती थी। लेकिन पेरिस में हुए ओलंपिक में पहली बार महिलाएं भी ओलंपिक में हिस्सा लें पाई।

ओलंपिक समिति की स्थापना

साल 1894 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना की गई। यह समिति इसलिए बनाई ताकि ओलंपिक जैसे बड़े खेल का आयोजन सही तरीके से करवाया जा सके। ओलंपिक समिति का मुख्यालय स्विटजरलैंड में है। ओलंपिक समति के कुल 11 सदस्य होते हैं जिसमें एक अध्यक्ष, 3 उपाध्यक्ष और 7 कार्यकारी सदस्य होते हैं।

ओलंपिक झंडा

1913 में पहली बार ओलंपिक का झंडा बनाया गया। ओलंपिक के झंडे में रिंग्स यानि कि गोले बन हुए हैं जो पृथ्वी पर मौजूद सभी महाद्वीपों को दर्शाते हैं। इसमें नीला रिंग यूरोपीय महाद्वीप को दर्शाता है तो पीला रिंग एशियाई महाद्वीप को दर्शाता है। जबकि काला अफ्रीका महाद्वीप, हरा ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप और लाल उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका को दर्शाता है। पहली बार ओलंपिक के झंडे को एंटवर्प ओलंपिक में फहराया गया था।

ओलंपिक मशाल

ओलंपिक के आयोजन से पहले जिस देश में इसका आयोजन होता है उस देश में ओलंपिक मशाल लेकर एक शहर से दूसरे शहर लेकर जाया जाता है। ओलंपिक मशाल जलाने की परंपरा साल 1928 में की गई थी। पहली बार ओलंपिक मशाल एम्सटर्डम में जलाई गई थी। जिसके बाद हर ओलंपिक में मशाल जलाई जाने लगी।

ओलंपिक का उद्देश्य

खेलों का आयोजन करवाने के साथ ही ओलंपिक का एक उद्देश्य भी है। ओलंपिक का उद्देश्य सबसे तेज, ऊंचा और बलवान है। असल में इसका उद्देश्य लैटिन भाषा के तीन शब्दों से निकला है। यह तीन शब्द हैं- सीटियस, एल्टियस और फॉरटियस है।

महाशक्तियों के लिए बना वर्चस्व की लड़ाई

ओलंपिक द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया की महाशक्तियों के लिए एक वर्चस्व की लड़ाई बन गया। अमेरिका और रूस दो देशों के बीच की इस स्पर्धा ने ओलंपिक को और भी महत्वता दे दी। इसके बाद मानो तो ओलंपिक हर देश के लिए खुद को सबसे श्रेष्ठ बनाने का एक साधन बन गया। साल 1980 में अमेरिका ने मित्र राष्ट्रों के साथ मिलकर ओलंपिक का बहिष्कार कर दिया। वहीं अगले ओलंपिक साल 1984 में रूस ने इसमें भाग नहीं लिया।

ओलंपिक में इस देश ने जीते सबसे अधिक पदक

ओलंपिक में दुनिया के सभी देश भाग लेते हैं। लेकिन ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने सर्वाधिक ओलंपिक मेडल जीते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने ओलंपिक में अब तक 2,522 पदक जीते हैं। इन पदकों में सबसे ज्यादा 1022 स्वर्ण पदक हैं। यह किसी भी राष्ट्र द्वारा जीते सबसे अधिक ओलंपिक पदक हैं।

एक ओलंपिक में सबसे ज्यादा स्वर्ण जीतने वाले खिलाड़ी

2008 में हुए चीन के बीजिंग ओलंपिक में माइकल फेल्प्स ने हर उस प्रतिस्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता जिसमें उन्होंने भाग लिया। उन्होंने बीजिंग ओलंपिक में 8 स्वर्ण पदक जीते जो कि आज तक एक विश्व रिकॉर्ड हैं। वहीं 1988 में सियोल ओलंपिक में जर्मनी की तैराक क्रिस्टीन ओटो ने एक ओलंपिक में सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक जीते हैं। उन्होंने तैराकी में कुल 6 स्वर्ण पदक जीते थे।

ओलंपिक में सबसे ज्यादा बार हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी

कैनेडा के घुड़सवार इयान मिलर ओलंपिक में सबसे ज्यादा बार हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 1972 से 2012 तक ओलंपिक में 10 बार हिस्सा लिया है। ओलंपिक में 10 बार हिस्सा लेने के बावजूद वह एक भी स्वर्ण पदक नहीं जीत पाए। उनके नाम सिर्फ एक रजत पदक है।

ओलंपिक की कुछ अहम जानकारी

  • टीवी पर साल 1960 में पहली बार ओलंपिक खेलों का प्रसारण किया गया। यह ओलंपिक रोम में खेला गया था।
  • माइकल फेल्प्स ओलंपिक में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाले खिलाड़ी हैं। फेल्प्स ने 28 ओलंपिक पदक जीते हैं जिनमें से 23 स्वर्ण पदक शामिल हैं। फेल्प्स ने साल 2008 में हुए बीजिंग ओलंपिक में सबसे ज्यादा 8 स्वर्ण पदक जीते थे।
  • महिलाओं में सोवियत संघ की लारिसा लैटिनिना सबसे अधिक पदक जीतने वाली महिला खिलाड़ी हैं। उन्होंने 18 ओलंपिक पदक जीते हैं जिसमें से 9 स्वर्ण पदक शामिल हैं।
  • ओलंपिक का आयोजन तीन बार आयोजन नहीं किया गया। 1916 में पहले विश्वयुद्ध के कारण ओलंपिक नही हुआ। जबकि 1940 और 1944 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान इसका आयोजन नहीं हो पाया। वहीं कोरोना वायरस के कारण साल 2020 में ओलंपिक को एक साल के लिए टाल दिया गया।

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